महामाया मंदिर चोरीकांड का पर्दाफाश, 1.75 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद

महामाया मंदिर चोरीकांड का पर्दाफाश, 1.75 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद

मुंगेली। जिले में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का मुंगेली पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है।

थाना लालपुर क्षेत्र के ग्राम कंतेली और कोदवाबानी स्थित महामाया मंदिरों में हुई चोरी के दो मामलों का खुलासा करते हुए पुलिस ने करीब 1.75 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।

मामले में एक पुरुष और एक महिला आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि गिरोह के दो अन्य सदस्य पहले से ही अन्य प्रकरण में पोड़ी जेल में बंद हैं।

पूछताछ में आरोपितों ने कबीरधाम जिले के सिल्हाटी स्थित महादेव मंदिर में हुई चोरी में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब गिरोह की अन्य वारदातों की भी जांच कर रही है।

जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अज्ञात आरोपितों की पहचान कर चोरी गई संपत्ति की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।

विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और लगातार की गई पतासाजी के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के अनुसार कंतेली स्थित आदि श्री महामाया मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधि सुरेश यादव ने 29 जून को थाना लालपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

शिकायत में बताया गया था कि 28-29 जून की दरम्यानी रात अज्ञात चोर मंदिर का ताला और चैनल गेट तोड़कर गर्भगृह में घुस गए तथा देवी प्रतिमा पर चढ़े चांदी के मुकुट, चांदी की माला, सोने का मंगलसूत्र, करधन और अन्य धार्मिक आभूषण चोरी कर ले गए। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने अलग-अलग बिंदुओं पर जांच शुरू की।

ऐसे सुलझा यह मामला

जांच के दौरान 19 जुलाई को संदेही अश्वनी आहिरे को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। प्रारंभ में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उसने अपने जीजा मंजीत पुरले और साथी पप्पू उर्फ सुनील गोस्वामी के साथ मिलकर मंदिरों में चोरी करना स्वीकार कर लिया।

आरोपित ने बताया कि चोरी के बाद तीनों ने आभूषणों को ग्राम जमकोर ले जाकर पप्पू गोस्वामी की मां चंपाबाई गोस्वामी के पास छिपाकर रख दिया था।
पुलिस ने इसके बाद चंपाबाई गोस्वामी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने चोरी के जेवर अपने पास रखना स्वीकार किया।
उसके कब्जे से विभिन्न आकार के चांदी के मुकुट, सोने की पत्तियां, चांदी का करधन, सिक्कों वाली माला, अन्य धार्मिक आभूषण तथा गैस से गलाए गए चांदी के टुकड़े बरामद किए गए।
बरामद सामग्री में कबीरधाम जिले के सिल्हाटी स्थित महादेव मंदिर से चोरी किया गया त्रिकुंड चांदी भी शामिल है। बरामद संपत्ति की कुल कीमत करीब 1.75 लाख रुपये आंकी गई है।

एक वर्ष पुराने मंदिर चोरी का भी खुलासा

पूछताछ में अश्वनी आहिरे ने वर्ष 2025 में ग्राम कोदवाबानी स्थित महामाया मंदिर में हुई चोरी का भी खुलासा किया। उसने बताया कि उसी गिरोह ने उस वारदात को भी अंजाम दिया था।
इसके अलावा सिल्हाटी महादेव मंदिर में कुछ दिन पहले हुई चोरी में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार गिरोह के दो सदस्य मंजीत पुरले और पप्पू उर्फ सुनील गोस्वामी पहले से ही अन्य मामले में पोड़ी जेल में निरुद्ध हैं। उनके विरुद्ध भी इस प्रकरण में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मुंगेली पुलिस ने कहा है कि जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।
धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा ऐसे मामलों में चोरी गई संपत्ति की अधिकतम बरामदगी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा।

 

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