आर्चरी एसोसिएशन के पदाधिकारी मिले सीएम साय से

आर्चरी एसोसिएशन के पदाधिकारी मिले सीएम साय से

रायपुर :आर्चरी एसोसिएशन के पदाधिकारी सीएम साय से मिले। x पोस्ट में साय ने लिखा, आज मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों से मुलाकात हुई, आर्चरी खेल के संबंध में महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

प्रदेश में अभी रायपुर के अलावा बिलासपुर के पास शिवतराई, महासमुंद और कोण्डागांव में आर्चरी की अकादमी संचालित है और आर्चरी के 100 कोच एवं एक हजार से अधिक खिलाड़ी हैं। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने, हमारे खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और खेल प्रतिभाओं को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैं स्वयं इस एसोसिएशन जुड़ गया हूं, सभी के सहयोग और मार्गदर्शन में आर्चरी एसोसिएशन के कार्यों को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं जनजातीय बहुल जशपुर क्षेत्र से आता हूं। बचपन में हम लोग भी तीर धनुष लेकर शिकार किया करते थे। आर्चरी हम सभी लोगों का विशेष रूप से जनजातियों का पसंदीदा खेल है।जशपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा निवास करती है।

ये लोग बड़े धनुर्धर होते हैं, प्राचीन काल में पहाड़ी कोरवा तीर धनुष से शिकार करते थे। आज भी उनके हर घर में तीन धनुष रहता है। साय ने कहा कि इन लोगों की तीरंदाजी की नैसर्गिक प्रतिभा को तराशने के प्रयास किए जाने चाहिए। अभी प्रदेश में तीरंदाजी की तीन अकादमी हैं। जशपुर जिले में भी आर्चरी अकादमी का विस्तार करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को तीन करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ी को दो करोड़ रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को एक करोड़ रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। खेलों के विकास के लिए जो भी आवश्यक होगा किया जाएगा। हमारे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी आर्चरी के क्षेत्र में प्रदेश का नाम रौशन करें।

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