राजनांदगांव। नगर के सिगरेट डीलर के गोदाम से लगभग 12 लाख की चोरी के पीछे अंतरराज्यीय सिगरेट चोर गिरोह का हाथ था। पुलिस ने प्रकरण में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सिगरेट व्यवसायी और गोदाम को ही निशाना बनाते थे।
दिसंबर में गिरोह ने दुर्ग में व्यापारी की कार से लाखों की उठाईगिरी भी की थी। पुलिस ने जब इन्हें दबोचा तब ये जबलपुर से चोरी की वारदात कर पुणे की ओर ही लौट रहे थे।
गुरुवार को पुलिस ने इस पूरे मामले का राजफाश किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने बताया कि चोरों की गिरफ्तारी के लिए चार अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं। तीन दिनों से लगातार छापेमारी की जा रही थी। आरोपित अलग-अलग लोकेशन में ट्रेस हो रहे थे।
इसके बाद जबलपुर से पुणे लौटने के दौरान आरोपितों को दबोचा गया। इनमें सागर घोड़के (29), कुणाल पांडुरंग (26) और विपुल विटकर (21) शामिल जो कि चिंचवड़ पूणे के रहने वाले हैं। जबकि गिरोह का मास्टर माइंड विक्रम सिंह राजपूत अपने एक साथी के साथ फरार हो गया।
गौरतलब कि आरोपितों ने 30 अप्रैल – एक मई की दरम्यानी रात चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। रेलवे स्टेशन – पुराना रेस्ट हाउस रोड पर स्थित सिगरेट व्यवसायी राहुल तेजवानी के गोदाम से रात दो बजे से पांच बजे के बीच 12 लाख की सिगरेट पार कर दी थी।
घटना के बाद साइबर और पुलिस की टीम ने घटना में प्रयुक्त कार को ट्रेस किया जिसके बाद आरोपित हत्थे चढ़े। आरोपितों के कब्जे से एक अर्टिगा कार (एमएच 12 व्हीजेड 7339) और बैंक खातों में जमा एक लाख रुपये की रकम जब्त की गई है।
सिगरेट ही होता था निशाना, पुणे में खपाते थे
आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वे अलग-अलग राज्यों में चोरी की वारदात करते आ रहे हैं। उनका निशाना सिगरेट ही होता था। यह कम वजनी और अधिक कीमत वाली सामग्री है। इसके अलावा इसके गोदामों में सुरक्षा उपाय कम होते हैं जिसका चोर फायदा उठाते थे। चोरी की सिगरेट पुणे ले जाकर बेची जाती थी।
कार और मोपेड का इस्तेमाल
चोरी को स्थानीय एंगल देने के लिए भी आरोपित पूरी योजना बनाते थे। राजनांदगांव में उन्होंने अर्टिगा कार को ट्रांसपोर्ट नगर के पास खड़ा रखा था। चोर रेलवे स्टेशन – पुराना रेस्ट हाऊस रोड से तीन बार में सिगरेट के कई बड़े डब्बे लेकर निकले और उसे कार में रखा गया। इसके बाद वे मोपेड और कार लेकर फरार हो गए। पुलिस को शुरुआती जांच में आरोपितों के स्थानीय होने का अंदेशा था। हर जगह आरोपित यही पैटर्न अपनाते थे।
दिन में रेकी, रात में वारदात
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह का मास्टर माइंड विक्रम ही चोरी की पूरी वारदात प्लान करता था। हर जगह यह दिन में पहुंचते थे और पूरे दिन सिगरेट के गोदाम और व्यापारी की रेकी करते है। जब मौका मिलता था ये माल लेकर रफूचक्कर हो जाते हैं। राजनांदगांव में आरोपितों ने दिन में रेकी कर वारदात की थी।

